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Nationalist
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नये साल पर अपने पापों के परिमार्जन की योजना में आपके सहयोग का अनुरोध

भगवान जब धरती पर वेद रूपी ज्ञान की किरणें बिखेरने के लिये प्रकट हुए थे तो उनका प्रथम स्वागत हमने ही किया था और उन्होंनें वेद रूपी अमूल्य धरोहर हमारे पूर्वजों को सौंपा था. उसी वेद में उन्होंने उन ऋषियों को ये आदेश दिया था कि हिमालय से हिन्दू सागर पर्यंत जो यह पवित्र भूमि है उसकी आराधना और रक्षा करो. इस वैदिक आदेश का पालन न जाने कितनी शताब्दियों से यहाँ के अमृत पुत्रों ने की है. इस वसुंधरा की कोख ने ऐसे अनगिनत लाल जने हैं जो भारत और हिन्दू धर्म के लिये बलिवेदी पर चढ़ गये. हँसते-हँसते फाँसी के फंदों को चूम लिया. धर्म आदर्श और भारत माँ के रक्षण के लिये हमेशा मृत्यु और जीवन के बीच मृत्यु का वरण किया.

तारीख में दर्ज है कि ग़दर पार्टी के सैकड़ों क्रांतिकारियों को फिरंगी हुकूमत ने सजाये-मौत दी, हम उन बलिदानियों का नाम तक नहीं जानते, हम अभी-अभी गुरु गोविन्द सिंह के बलिदानी बच्चों को भी याद करना भूल गये, लाला हरदयाल जिसे सारा अमेरिका हिन्दू पुनरुत्थानवादी नेता कहकर जानता था उनके बारे में हमें कुछ पता ही नहीं है. सोहन सिंह भाखना, उधम सिंह, मदन लाल ढींगरा, करतार सिंह सराभा, रास बिहारी बोस, रानी माँ गाईदिन्लयू, गोपीनाथ बारदोलोई और न जाने ऐसे कितने नाम है जिन्हें हमने न तो अपने इतिहास की किताबों में रखा और न ही अपने जीवन में कभी उनका किसी भी रूप में स्मरण किया. ये तो आधुनिक युग के गुमनाम नायक थे पर अपने महान पूर्वजों को विस्मृत करने का हमारा अपराध मध्यकाल होते हुए काफी पीछे तक जाता है. इसमें हमारा एक अपराध ये भी है कि हमने दक्षिण और पूर्वोत्तर के वीरों और संतों को तो बिलकुल भी याद नहीं किया, उन महापुरुषों को भी छोड़ दिया जो हमारे वंचित और वनवासी समाज से आते थे.

चूँकि वर्तमान समय हिन्दू पुनरुत्थान का है इसलिये यह नूतन वर्ष अपने इतिहास के ऐसे ही महापुरुषों के पुनःस्मरण का वर्ष होना चाहिये जिनके जीवन-संदेश के अनुसरण की आवश्यकता आज की परिस्थिति में हम सबको प्रतीत होती है और जिनको विस्मृत करने का पाप हमने किया है.

इस क्रम में हमें जो काम करने हैं उसका विवरण इस प्रकार है: -

भारत माँ और हिन्दू धर्म रक्षण के लिये जो बलिदान हुए या इसके प्रसार और विश्व में इसकी महानता स्थापित करने में जिसने भी भूमिका अदा की, उनके जन्म और शरीरांत की तिथि का एक डाटाबेस बनाया जाये और हममें से जो भी अच्छा लिखतें हैं या जानकारी रखतें हैं वो उस दिन उस महापुरुष के जीवन और कृतित्व पर आलेख लिखे. जो आलेख लिखें जाये वो विकिपीडिया आलेख की तरह न होकर इस रूप में लिखी जाये कि पढ़ने वाले के सामने उस महान चरित्र का जीवन पाथेय बन जाये. हम सबके थोड़े प्रयास से कुछ ही दिनों में हम वर्ष भर के लिये ये डाटाबेस बना सकतें हैं. अधिक प्रयास उन महापुरुषों के स्मरण का हो जिन्हें हमने विस्मृत किया हुआ है. इन महापुरुषों में सूदूर अतीत के हमारे नायकों के साथ धर्म गुरु भी हो सकतें हैं, भक्ति काल के या और दूसरे काल के संत भी हो सकतें हैं. इस सूची में हम राक्षसी शक्तियों से संघर्ष करने वाले योद्धाओं के साथ-साथ क्रांतिकारियों और सैनिकों को भी रखेंगे, अपने महान वैज्ञानिकों और दार्शनिकों को भी रखेंगे, सही अर्थों में धर्म और राष्ट्र के लिये समर्पित राजनेता, विचारक और चिन्तक भी इसमें आ सकतें हैं. ध्यान रहें हमें अपने क्षेत्रीय नायकों का भी स्मरण करना है.

हममें से हरेक ये काम हाथ में ले तो ये काम बहुत आगे जायेगा. हम फेसबुक पर एक पेज भी बनायेंगे और फिर बाद में उन आलेखों को संकलित कर किसी पत्रिका या पुस्तक रूप में प्रकाशित करेंगे. हमारा ये प्रयास न सिर्फ अपने महान पूर्वजों के विस्मरण के अपराध का परिमार्जन होगा बल्कि ये हमारे नौनिहालों के लिये पाथेय का भी काम करेगा.

आप सभी मित्रों में इस काम में सहयोग करने का मेरा व्यक्तिगत अनुरोध है, कृपया इस बारे में और सुझावों के साथ-साथ इस डाटाबेस को तैयार करने में अपना सहयोग देकर पुण्य अर्जन में भागीदार बनिये.

~ अभिजीत

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